दोस्तों को जलाने वाली शायरी – Dosto Ko Jalane Wali Shayari

दोस्तों को जलाने वाली शायरी – हमारे कुछ दोस्त ऐसे भी होते है जो दुश्मन की तरह होते है। जो पीठ पीछे हमारी बातें करते है और हमसे बहुत जलन रखते है।

यह शायरी का कलेक्शन खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो अपने दोस्तों को जलाना चाहते हैं और उन्हें ये बताता चाहते कि आपकी बराबरी करना उनके बस की बात नहीं है।

इसमें आपको ऐसी Dosto Ko Jalane Wali Shayari मिलेगी जो सीधे उनके दिल पर लगेगी और आपके अंदाज़ को एक अलग लेवल पर पेश करेगी। चाहे वह आपकी कामयाबी या ख़ुशी से जलने वाले हो, ये शायरियां उन लोगों के लिए एकदम सही हैं जो मन ही मन आपसे जलते हैं।

दोस्तों को जलाने वाली शायरी

मेरे गिरने पर जो हंसी थी तुम्हारे चेहरे पर,
अब मेरे उठने पर वो खौफ बनकर दिखेगी।

दोस्तों-को-जलाने-वाली-शायरी

शतरंज की चालों का खौफ उन्हें होता है,
जो वजीर के दम पर उछलते हैं, हम तो बादशाह हैं।

मेरी हस्ती को तुम क्या मिटाओगे,
तुम खुद जलकर खाक हो जाओगे।

नजर नीची करके चलना हमारी फितरत नहीं,
और किसी के आगे झुकना हमारी आदत नहीं।

अपनी औकात में रहकर बात करना सीखो,
वरना तो हम औकात दिखाना भी जानते हैं।

हम अपनी शख्सियत का गुमान नहीं करते,
कुत्तों के भौंकने पर हम ध्यान नहीं करते।

मेरी खामोशी को बुझदिली मत समझना,
शेर जब शांत हो, तो शिकारी की खैर नहीं होती।

हम वो नहीं जो डर कर पीछे हट जाएं,
हम वो हैं जो आग लगाकर भी मुस्कुराएं।

जलने वालों की तादाद बढ़ती जा रही है,
लगता है हमारी तरक्की उन्हें रास नहीं आ रही है।

ज्यादा शोर मचाने से नाम नहीं बनता, ऐ मेरे दोस्त,
काम ऐसा करो कि खामोशी भी अखबारों में छप जाए।

दुश्मनों से कह दो जरा फासले में रहें,
मेरे सिर पर हाथ खुदा का है, किसी बंदे का नहीं।

तुम जलते रहो राख की तरह,
हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह।

हमारा वक्त आने दो,
जवाब भी देंगे और हिसाब भी लेंगे।

सूरज को मशाल दिखाने की कोशिश मत करो,
हम वो आग हैं जो बुझने से भी नहीं बुझती।

लोग जलते रहे मेरी कामयाबी से,
और मैं बढ़ता रहा अपनी सादगी से।

मुझसे जलने वालों की दुआएं कबूल हो रही हैं,
तभी तो मेरी शोहरत और भी मशहूर हो रही है।

नफरत करने वालों का भी शुक्रिया,
वही तो हैं जो हमें हर वक्त याद रखते हैं।

अक्सर पीठ पीछे बात वही बुझदिल किया करते हैं,
जिनकी मेरे सामने बोलने की औकात नहीं होती।

मेरी कामयाबी की धूप उन्हें चुभती बहुत है,
जिन्हें मेरी तरक्की से ठंड लगती बहुत है।

हमने तो सिर्फ कदम बढ़ाए थे अपनी मंज़िल की तरफ,
पर न जाने क्यों रास्ते में मेरे दोस्तों के सीने जलने लगे।

तुम मेरी बुराई कर करके थक जाओगे,
मैं अपनी कामयाबी से तुम्हारी नींदें उड़ा दूँगा।

जो दोस्त कहते थे कि “हमेशा साथ रहेंगे”,
आज मेरी चमक देखकर रास्ता बदल लिया उन्होंने।

शेर अपना रास्ता खुद बनाता है,
कुत्ते तो सिर्फ पीछे से भौंकना जानते हैं।

मैं उन लोगों के लिए एक करारा थप्पड़ हूँ…
जो ज़माने के सामने मुझे नीचा दिखाना चाहते है।

जितना तुम मुझसे जलोगे,
उतना ही ऊपर मैं उठता जाऊँगा।

तुम्हारी जलन ही मेरी जीत का सबूत है,
वरना गुमनाम लोगों से तो कोई नफरत भी नहीं करता।

हम उन दोस्तों की फेहरिस्त में नहीं आते,
जो सामने ‘भाई-भाई’ और पीछे ‘खलनायक’ होते हैं।

आग लगाना मेरी फितरत में नहीं,
लोग मेरी चमक देखकर खुद ही जल जाते हैं।

सांपों की बस्ती में दोस्ती ढूँढ रहा था,
गलती मेरी थी, जो ज़हर में वफ़ा ढूँढ रहा था।

मुखौटा पहन कर जो दोस्ती निभा रहे हो,
याद रखना, वक़्त आने पर रंग साफ़ दिख जाते हैं।

जिन्हें लगता है मैं उनके बिना कुछ नहीं,
उन्हें बता दो कि सूरज अकेले ही चमकता है।

उन दोस्तों से हमें डर लगता है
जो दुश्मन बनके साथ चलते हैं।

मेरी बुराई करने से पहले अपनी औकात देख लेना,
कहीं तुम्हारी जलन तुम्हें ही न राख कर दे।

शुक्रिया उन दोस्तों का जो साथ छोड़ गए,
तुमने ही तो सिखाया कि भीड़ में अकेले कैसे लड़ते हैं।

शेर की दहाड़ और मेरी रफ़्तार,
दोनों ही जलने वालों के लिए काफी हैं।

Final Words on दोस्तों को जलाने वाली शायरी

उम्मीद है कि ऊपर दी गई शायरी आपको पसंद आई होगी और आपके पास अब अपने उन दोस्तों को जवाब देने के लिए बेहतरीन शायरी हैं जो आपसे जलन रखते हैं। ये शायरियां उन लोगों के लिए करारा जवाब है जो आपकी ख़ुशी और आपकी तरक्की से जलते है।

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